

“जब सैयां भये कोतवाल…” कटनी में नियमों को ठेंगा दिखाता एल एंड टी का काम
कटनी। शहर के गाटर घाट से कैलवारा रोड तक चल रहे Larsen & Toubro (एल एंड टी) के निर्माण कार्य ने स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। आरोप है कि कंपनी द्वारा नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है, जिससे सड़कें बदहाल हो चुकी हैं और आमजन धूल भरी सड़कों से गुजरने को मजबूर हैं।
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, निर्माण कार्य में लगे भारी भरकम वाहनों की आवाजाही से सड़कें पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी हैं। हालात ऐसे हैं कि हर गुजरते वाहन के साथ धूल के गुबार उड़ते हैं, जिससे राहगीरों और आसपास के रहवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आ रही है कि पूरे कार्य की जिम्मेदारी कथित रूप से एक नाबालिग के हाथों में बताई जा रही है। अगर यह सच है, तो यह न सिर्फ नियमों का उल्लंघन है बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी बड़ा सवाल खड़ा करता है।
वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन और जिम्मेदार विभाग सब कुछ जानते हुए भी मौन साधे हुए हैं। हालात पर तंज कसते हुए लोग कह रहे हैं—“जब सैयां भये कोतवाल, तो डर काहे का”, जो सीधे तौर पर खाकी पर भी सवाल खड़े करता है।
धूल से अटी सड़कों पर चलना अब लोगों के लिए रोज़ की मजबूरी बन गया है। बच्चों, बुजुर्गों और दोपहिया चालकों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर कब प्रशासन इस ओर ध्यान देगा? क्या नियमों को ताक पर रखकर काम करने वालों पर कार्रवाई होगी, या यूं ही जनता परेशानी झेलती रहेगी?